साय सरकार आम जनता को वसूली मशीन बना रही है
, बस किराया बढ़ाने की बजाय पेट्रोल-डीजल के दाम घटाए सरकार —– योगिता चंद्राकर
दुर्ग ग्रामीण विधानसभा। दुर्ग जिला कांग्रेस कमेटी की महामंत्री पूर्व जिला पंचायत सदस्य श्रीमती योगिता चंद्राकर ने भाजपा की साय सरकार पर महंगाई से जूझ रही आम जनता को और परेशान करने का गंभीर आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि प्रदेश की जनता पहले से ही कमरतोड़ महंगाई की मार झेल रही है। और अब सरकार यात्री बसों के किराए में वृद्धि का प्रस्ताव लाकर सीधे बस यात्रियों की जेब काटने का आदेश देने जा रही है।
श्रीमति चंद्राकर ने कहा कि राज्य सरकार ने बस किराया बढ़ाने के प्रस्ताव पर सहमति के संकेत दे दिए हैं। परिवहन सचिव ने स्वयं स्वीकार किया है कि मंत्रिपरिषद की बैठक में इस पर चर्चा हुई है और जल्द ही परिवहन मंत्री केदार कश्यप नई दरों की घोषणा कर सकते हैं।
प्रस्ताव के अनुसार सामान्य सीट वाली बस में शुरुआती पांच किलोमीटर का किराया 10 से बढ़ाकर 12 रुपये और उसके बाद प्रति किलोमीटर 1.75 रुपये वसूला जाएगा, जबकि वर्तमान दर करीब एक रुपये प्रति किलोमीटर है। यह वृद्धि गरीब, मजदूर, छात्र और रोजाना यात्रा करने वाले आम लोगों पर सीधा हमला है।
उन्होंने कहा कि बस संचालक चार साल से किराया बढ़ाने की मांग कर रहे हैं, इसका कारण डीजल, स्पेयर पार्ट्स और रखरखाव का महंगा होना है। सरकार को किराया बढ़ाने की जगह डीजल-पेट्रोल के दाम कम करने चाहिए। केंद्र और राज्य दोनों जगह भाजपा की डबल इंजन सरकार है, अगर वे अपने कमीशन और टैक्स में कटौती कर दें तो ईंधन के दाम आधे हो जाएंगे और न बस संचालकों पर बोझ बढ़ेगा न जनता पर। लेकिन सरकार को जनता की तकलीफ से कोई लेना देना नहीं है।
श्रीमती चंद्राकर ने कहा कि यह सरकार केवल आम जनता को वसूली मशीन बनाकर रख दी है। आम आदमी पहले से ही राशन, खाद्य सामग्री, महंगी बिजली बिल और जीवन रक्षक दवाइयों की महंगाई से परेशान है। ऊपर से अब बस यात्रा महंगी कर सरकार गरीब की सवारी भी छीनना चाहती है। उन्होंने सरकार के इस जनविरोधी फैसले का विरोध करते हुए कहा कि बस किराया वृद्धि का प्रस्ताव तत्काल वापस लिया जाए और पेट्रोल डीजल के दाम कम कर जनता को राहत दी जाए🔶 🔶