छुट्टी और नए साल में धार्मिक स्थल जाने का ट्रेंड, डेढ़-दो महीने पहले हो चुकी बुकिंग
रेलमपेल… उज्जैन, पुरी, काशी और अयोध्या की ट्रेनें फुल, एसी कोच में भी जनवरी तक है वेटिंग
शीतकालीन छुट्टी और नए – साल में अचानक धार्मिक स्थल जाने की तैयारी कर रहे लोगों को निराशा हाथ लग रही है। क्योंकि इन दिनों ऐसे रूटों की ज्यादातर ट्रेनें फुल हैं। ट्रेनों में नो रूम की स्थिति है। जिसकी वजह से ऐसे परिवारों को अपना प्लान बदलना पड़ रहा या रद्द करना पड़ है।
नो रूम की सबसे अधिक स्थिति उज्जैन, पुरी, काशी और – अयोध्या धाम जाने वाली ट्रेनों में हैं। छुट्टी में ज्यादातर लोगों की पसंद ऐसे ही धार्मिक स्थल बने हुए हैं। हालांकि डेढ़ से दो महीने पहले से ही इन ट्रेनों में स्लीपर कोच की लगभग सभी – सीटें बुक हो चुकी है। वेटिंग 80 श्री से 135 तक की है। करीबी थी लंबी है। जिसकी वजह से अब लोगों को अपना प्लान रद्द करना पड़ रहा है। हालात यह है कि जनवरी तक इन रूटों की ज्यादातर ट्रेनें फुल है। दरअसल बीते कुछ सालों में छुट्टी धार्मिक स्थलों में बिताने का ट्रेंड बढ़ा है। जिसकी वजह से काफी पहले से इन स्टों की ट्रेनों में सीटें बुक होने लगी है। राजनांदगांव, दुर्ग और रायपुर स्टेशन से शुरु होने वाली ट्रेनों में फिलहाल सीटें नहीं मिल रही है। यात्री परेशान हो रहे हैं।
अचानक प्लान करने वालों को नहीं मिल रही बर्थ, लंबी दूरी की बसों का किराया भी बढ़ गया
राजनांदगांव, निर्माण कार्य के चलते 26 दिसंबर से लोकल ट्रेनों को भी रद्द किया जा रहा है।
नागपुर से बिलासपुर रूट की 21 ट्रेनें 26 से रद्द रद्द हुई हुई
इधर इंटरलॉकिंग कार्य व अप लाइन में निर्माण के चलते नागपुर-बिलासपुर रूट पर चलने
वाली 21 ट्रेनों को रद्द किया जा रहा है। ये ट्रेनें 26 से 29 दिसंबर तक रद्द रहेंगी। इनमें रुट की प्रमुख लोकल, मेमू और एक्सप्रेस ट्रेनें शामिल हैं। वहीं कुछ ट्रेनों को गंतव्य से पहले समाप्त किया जाएगा। इस दौरान भी यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ेगा। बुजुर्ग व बच्चों की समस्या है।
पुणे, हैदराबाद तक चलने वाली बसों में भी सीटें नहीं
ट्रेन के अलावा लंबी रूट की बसों में भी ऐसे ही हालात हैं। राजनांदगांव से भोपाल, उज्जैन,
पुणे, हैदराबाद तक चलने वाली सुपर डीलकर बसों में भी सीटें नहीं मिल रही है। वहीं संचालक कंपनी ने अचानक सीट की डिमांड करने पर अतिरिक्त किराया वसूलना भी शुरु कर दिया है। ज्यादातर लंबी रूटों की बसों में इन दिनों किराए में 200 से 500 रुपए तक की बढ़ोतरी हो गई है।
3-3 महीने पहले बुकिंग तभी मिल पा रही हैं सीटें
छुट्टी के दौरान घूमने का प्लान लोग काफी पहले तय कर रहे हैं। ऐसी जगहों के लिए सीटें तीन-तीन महीने पहले बुक होने लगी है। तभी जाकर दोनों दिशा की कन्फर्म सीट मिल पा रही है। तत्काल टिकट सेवा में वापसी की कन्फर्म सीट पर संशय को लेकर फिलहाल लोग परिवार के साथ ऐसी टिकट नहीं ले रहे हैं। जिसकी वजह से अचानक घूमने का प्लान बनाने वालों को यात्रा स्थगित करनी पड़ रही है।
जानिए, रूटों पर कैसी है ट्रेनों में बुकिंग की स्थिति
उज्जैन : प्रमुख ट्रेन बिलासपुर-बीकानेर एक्सप्रेस, पुरी-जोधपुर एक्सप्रेस और हमसफर एक्सप्रेस में 31 दिसंबर तक स्लीपर में सीट उपलब्ध नहीं है। वहीं 15 जनवरी तक भी स्लीपर और एसी श्री क्लास में लंबी वेटिंग हैं।
पुरीः दुर्ग-पुरी एक्सप्रेस सहित अजमेर-पुरी, सूरत-पुरी और अहमदाबाद-पुरी एक्सप्रेस में भी दिसंबर में सीट नहीं मिल रही है। यहां नो रूम की स्थिति है। वहीं एसी कोच में भी 25 जनवरी तक वेटिंग की स्थिति है। काशी: राजनांदगांव-दुर्ग से होकर काशी के लिए गोंदिया-बरौनी,
दुर्ग-नवतनवा और स्वस्नाथ एक्सप्रेस जाती है। इसमें भी 15 से 20 जनवरी तक स्लीपर की सभी सीटें पहले ही बुक हो चुकी हैं। एसी थी में भी वेटिंग लंबी हैं। अयोध्या: इन दिनों अयोध्या धाम जाने वालों की संख्या भी बढ़ी है। दुर्ग-राजनांदगांव से अयोध्या धाम के लिए एकमात्र सामान्य ट्रेन दुर्ग-नवतनाव एक्सप्रेस हैं। जिसमें भी नो रूम की स्थिति है। एसी थी व टू टीयर में भी जनवरी भर सीटें नहीं है।