: नागपुर, बालोद, धमतरी, रायपुर के युवाओं ने बनाया था प्लान डॉक्टर के घर 200 करोड़ होने की सूचना पर फर्जी छापा, फिल्म स्पेशल-26 की तर्ज पर धावा
पुलिस के अनुसार पैथालॉजिस्ट डॉ.
दिलीप राठौर के रत्नाबांधा गेड स्थित बंगले में 17 नवम्बा को 11.30 बजे से 7 व्यक्ति दो वाहन में पहुंच स्वयं को इनकम टैक्स अधिकारी बताया। बिना किसी पहचान व बगैर सर्च वारंट के पैथालॉजिस्ट के घर जबरन घुसकर लगभग ढाई घंटे तक घर के सभी कमरों, दराजे, आलमारी एवं लॉकर की तलाशी ली। इस दौरान पैथालॉजिस्ट को घर से बाहर नहीं निकलने दिया। तलाशी में कुछ नाहीं मिलने पर आरोपी दो वाहनों में बैठकर फरार हो गये। पैथालॉजिस्ट की शिकायत पर कोतवाली पुलिस ने अज्ञात आरोपियों के खिलाफ अपराध दर्जकर विवेचना शुरु कर दी। मामले की गंभीरता को देखते हुए एमपी सूरज सिंह परिहार के निर्देशन में पुलिस की अलग आवग टीम का गठन किया गया। साइबर सेल के सहयोग से तकनीकी साक्ष्यों का विश्लेषण कर टीमों को नागपुर, दुर्ग, रायपुर, बालोद शेष पेज 5 पर
रत्लाबांधा रोड स्थित पैथालॉजिस्ट के घर इनकम टैक्स अधिकारी चनकर फर्जी छापेमारी करने वाले अंतरराज्यीय गिरोह के वर्जन र आरोपी को पुलिस ने सिरफ्तार किया है। इन आरोपियों के पास सुचना थे कि डॉक्टर के पास 200 करोड़ रुपए है। छापे में कुछ नहीं मिलने के बाद जब साग निकले थे।
छापा फेल होने के बाद भाग निकले थे आरोपी
महीनेभर बाद 12 आरोपियों को पुलिस ने किया गिरफ्तार
पूछताछ में सुनाई फिल्मी कहानी
करोड़ों रुपए होने की सूचना पर बनाई प्लानिंग
पूछताछ के दौरान आरोधियों में स्वीकार किया कि पैलॉजिस्ट के घर में 200 करोड़ रुपए होने की सूचना प्राप्त हुई थी। इसी सुना के आधार पर बायु सूज स्पेसल की तर्ज पर आरोपियों के आपस में उनके कर सुनिजित रायते हुए पाओं इनकम टैक्स टीम बनाकर घटना को अंजाम दिया।लॉजिस्ट द्वारा पटना में शामिल आरोपियों की पहचा कर ली गई। आरोपियों से लिए अलग-अलता बदल के आधार पर पटना में प्रयुक्त चारपहिया वाहन सफारी स्विप्ट डियर एवं स्विप्ट कार सहित आपसे संपर्क में प्रयुक्त मोबाइल फोन तथा नदी रखने हेतु प्रयुका जूट की बोरी को जबकि आरोपियों क विलायोधा सबूत मिलने पर पुलिस ने सभी 12 आरोपी को गिरफ्तार कर विधिक रिमांड पर जेल भेज दिया है।
जिला पुलिस धमतरी