दुर्ग जिले मे बने कांग्रेस के 21 ब्लॉक अध्यक्ष,जिसमे एस सी, से एक भी नहीं जबकि अहिवारा आरक्षित होने के बाद भी संघठन ने नहीं दिया महत्त्व

भिलाई नगर, वैशाली नगर, दुर्ग शहर एवं दुर्ग ग्रामीण में SC को ब्लॉक अध्यक्ष पद से दूर रखा

छत्तीसगढ़ की राजनीति में दुर्ग जिले का स्थान हमेशा से महत्वपूर्ण रहा है। यहीं से कई नेता प्रदेश और राष्ट्रीय राजनीति में उभरे हैं और अहम जिम्मेदारियों तक पहुँचे हैं। ऐसे जिले में संगठनात्मक निर्णय केवल पद-पूर्ति नहीं, बल्कि राजनीतिक संदेश भी देते हैं। लंबे इंतजार के बाद छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी द्वारा 307 ब्लॉक अध्यक्षों की सूची जारी किया जाना संगठन को मजबूती देने की दिशा में निश्चय ही एक सराहनीय और आवश्यक कदम है। जमीनी स्तर पर संगठन को सक्रिय रखने में ब्लॉक अध्यक्षों की भूमिका सबसे अहम होती है।हालांकि, सूची के गहन अवलोकन के बाद कुछ ऐसे तथ्य सामने आते हैं, जिन पर गंभीर मंथन आवश्यक है। दुर्ग जिले की चारों विधानसभा—भिलाई नगर, वैशाली नगर, दुर्ग शहर एवं दुर्ग ग्रामीण—में कुल 21 ब्लॉक अध्यक्ष नियुक्त किए गए हैं,

परंतु इनमें एक भीSC वर्ग से नहीं है।। यदि यह धारणा मजबूत होती है, तो यह कांग्रेस की उस मूल नीति के विपरीत है, जिसमें सभी वर्गों—विशेषकर वंचित और पिछड़े समुदायों—को उचित प्रतिनिधित्व देने की बात कही जाती रही है।पूरे प्रदेश की लगभग सवा करोड़ की आबादी में SC, ST, कुर्मी और अन्य ओबीसी वर्गों की निर्णायक भूमिका रही है

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