रायगढ़ में हिंसा…
जिंदल कोल माइंस गारे पेलमा सेक्टर-1 खदान का मामला
जनसुनवाई में उग्र हुई भीड़… महिला टीआई को पीटा, वाहन फूंके
हाइवा की चपेट में ग्रामीण के आ जाने की बात से भी बिगड़ा माहौल
सरकारी वाहन राख
रायगढ़, जिले के तमनार में जिंदल कोल माइंस गारे पेलमा सेक्टर-1 खदान की जनसुनवाई के विरोध में 12 दिसंबर से चल रहा आंदोलन शनिवार को अचानक उग्र हो गया। कोयला लोड वाहनों को दूसरे मार्ग से ले जाने और वाहन की चपेट में आने से एक ग्रामीण के घायल होने पर शांतिपूर्ण आर्थिक नाकेबंदी कर रहे ग्रामीणों का गुस्सा इस कदर फूटा कि महिला थाना प्रभारी से मारपीट और तीन सरकारी वाहनों को आग के हवाले कर दिया।
पुलिस को हालात काबू में करने के लिए हल्का बल प्रयोग करना पड़ा। पूरे क्षेत्र में भारी पुलिस बल तैनात किया गया है। दरअसल, ग्रामीण 12 दिसंबर से तमनार के सीएचपी चौक पर कोयला परिवहन रोककर जिंदल कोल माइंस की जनसुनवाई को निरस्त करने की मांग कर रहे थे।
ग्रामीणों का आरोप है कि पुलिस कोयला लोड वाहनों को सीएचपी चौक की बजाय खुरुषलेंगा मार्ग से निकाल रही थी। जब यह जानकारी ग्रामीणों को लगी तो वे वहां पहुंच गए और विरोध शुरू कर दिया। विरोध के बीच एक कोयला लोड वाहन की चपेट में एक ग्रामीण के आ जाने की खबर से माहौल और ज्यादा बिगड
हालात को काबू करने पुलिस ने किया हल्का बल प्रयोग
ग्रामीण करीब 15 दिनों से शांतिपूर्ण बैठे थे। हम भी सारी आवश्यकताओं का ध्यान रखे थे। शनिवार को करीब ढाई बजे कुछ असामाजिक तत्वों द्वारा उकसाए जाने पर पथराव शुरू हुआ। हमारे जवान वहां मौजूद थे। चूंकि उन्हें कुछ निर्देश नहीं था तो वे जान बचा कर भागे। कुछ पुलिस जवान घायल हुए हैं। ग्रामीणों से दोबारा बातचीत करने का प्रयास किया गया लेकिन फिर पथराव हुआ। हम उनसे बातचीत करने का प्रयास कर रहे हैं। मयंक चतुर्वेदी, कलेक्टर, रायगढ़
जान बचाने हाथ जोड़ती रही घायल महिला टीआई…
तमनार थाना प्रभारी कमला पुसाम के साथ जमकर मारपीट की गई। घटना का वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हुआ, जिसमें टीआई को लात मारते हुए देखा गया। जान बचाने के लिए वह भीड़ के सामने हाथ जोड़ रही है। हालांकि कुछ महिलाओं ने बीच-बचाव कर उन्हें पानी भी पिलाया। स्थिति बेकाबू होते देख जिला मुख्यालय से अतिरिक्त पुलिस बल भेजा गया। पुलिस द्वारा बल प्रयोग किए जाने की सूचना मिलते ही सीएचपी चौक पर बैठे अन्य ग्रामीण भी उग्र हो गए।
एसडीओपी, टीआई समेत कई जवान घायल
प्लांट के भीतर घुसकर भी तोड़फोड़ के साथ आगजनी
अनियंत्रित भीड़ ने मौके पर पुलिस की बस, जीप, एंबुलेंस को आग लगा दी और कई शासकीय वाहन भी क्षतिग्रस्त किए। इसके बाद अनियंत्रित भीड़ ने जिंदल के कोल हैंडलिंग प्लांट सीएचपी की और बढ़कर भीतर घुसकर कन्वेयर बेल्ट व दो ट्रॅक्टर व अन्य
वाहन को आग लगा दी। ऑफिस में भी उत्पात मचाकर तोडफ़ोड़ की गई। भीड़ को समझाइश देने के लिए गए विधायक लैलूंगा विद्यावती सिदार, कलेक्टर रायगढ़ एवं पुलिस अधीक्षक के द्वारा मौके पर जाने पर भीड़ ने उग्र होते हुए पथराव किया।
सिर्फ 14 लोग ही रख सके अपनी बात
जिवल कोल माइंस को लेकर 8 दिसंबर को धौराभांठा बाजार कॉम्प्लेक्स में आयोजित जनसुनवाई का विरोध करने कोल माइंस से प्रभावित 14 गांव से हजारों लोग पहुंचे थे, लेकिन जनसुनवाई वोपहर करीब 12 बजे ही समाप्त कर दी गई। इसमें महज 14 लोग भी अपनी बात रख सके। ग्रामीण ने इसे फर्जी जनसनकबताया।