भूपेश ने किया निरीक्षण झीट समिति में एक हजार कट्टे से ज्यादा धान, कहां से आया कोई बताने वाला नहीं, भूपेश पहुंचे जांच में
धान खरीदी को लेकर झीट सहकारी समिति में बड़ी लापरवाही सामने आई है। समिति में 1 हजार कट्टे से ज्यादा धान अतिरिक्त मिला है। यह धान कहां से आया, इसके बारे में कोई भी जानकारी देने को तैयार नहीं है। इधर इस मामले को लेकर पहले जिला पंचायत की सामान्य सभा बैठक में हंगामा हुआ। इसके बाद दोपहर को ही पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल समिति में पहुंचे। उन्होंने इस मामले को लेकर समिति प्रबंधक सहित अन्य अधिकारियों से जानकारी चाही, लेकिन कोई भी जानकारी नहीं मिल सकी।
कांग्रेस के जिला अध्यक्ष राकेश ठाकुर ने आरोप लगाया है कि कोचिया को फायदा पहुंचाने के लिए गुपचुप तरीके से इस धान को समिति में पहुंचाया गया। वहीं जिला पंचायत सदस्य अशोक साहू ने समान्य सभा की बैठक में इस विषय को रखा। उन्होंने कहा कि जब टोकन नहीं कटा, गेट पास जारी नहीं हुआ, फिर ये धान समिति में कैसे पहुंचे। खाद्य नियंत्रक अनुराग भदोरिया ने इस मामले में जांच की बात कही।
झीट में जानकारी लेने पहुंचे कांग्रेसी, अनियमितता का लगाया आरोप
कांग्रेस नेताओं का दावा है कि झिट खरीदी केंद्र में करीव एक हजार बोरे धान बिना टोकन के ही जमा कर दिए गए, जिससे पूरे धान खारीची तंत्र पर गंभीर सवाल खड़े हो गए है। यदि आरोप सही है तो यह तय है कि यह सब बिना उत्चस्तरीय संरक्षण के संभव नहीं। मामले की जानकारी मिलते ही पूर्व मुख्यमंत्री एवं विधावक पाटन भूपेश बघेल सीधे धान खरीदी केंद्र पहुंचे। उन्होंने मौके पर मौजूद तहसीलदार पवन ठाकुर को मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों पर कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए। भूपेश बघेल ने कहा कि नियमों के अनुसार बिना टोकन बारदाना तक नहीं दिया जाता, लेकिन यहां तो बारदाना देकर धान की तील. सिलाई और स्टॉक तक कर दिया गया। उन्होंने सवाल उठाया कि जब कई किसान ऐसे है. जिनके टोकन एक माह पहले कट चुके हैं और वे अब तक धान बेचने नहीं आरती फिर दिल टोकन धाम स्टॉक में कैसे पहुंच गया। जिलाध्यक्ष राकेश ठाकुर भी सुबह सुबह खरीदी केंद्र पहुंचे। जब उन्होंने समिति प्रबंधन से जवाब मंगा तो मौके पर ही 250 कई धार चिना टोकन के जमा होने की पुष्टि हो गई।