एक व्यक्ति की मौत, एक का पैर कटा, तो एक घायल, राइस मिल छुरिया मे बड़ी घटना, भीड़ पहुंची, मालिक नहीं पंहुचा

गुरूदेव राईस मिल में हुआ हादसा मिल प्रबंधन की लापरवाही आयी सामने

ग्रामीणों ने किया नेशनल हाईवे पर किया प्रदर्शन 2 घंटे तक लगा रहा जाम

छुरिया। नेशनल हाईवे पर चिचोला महराजपुर मार्ग स्थित गुरुदेव राइस मिल में शुक्रवार 20 दिसंबर की शाम लगभग 5 बजे हुए दर्दनाक हादसे ने औद्योगिक सुरक्षा व्यवस्था और प्रशासनिक निगरानी पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। इस भीषण दुर्घटना में एक मजदूर की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि 2 अन्य मजदूर गंभीर रूप से घायल हो गए।

मृतक परिवार के परिजन एवं ग्रामीणों ने किया नेशनल हाईवे चक्का जाम-

रविवार को दोपहर में नेशनल हाईवे पर मृतक परिवार के परिजन एवं ग्रामीणों ने किया प्रदर्शन एवं चक्का जाम जिससे पूरे 2 घंटे तक रहा नेशनल हाईवे बंद रहा। मौके पर एसडीएम, एसडीओपी, तहसीलदार, छुरिया एवं चिचोला थाना प्रभारी सब पहुंच गये लेकिन मिल के मालिक नहीं पहुंचे थे। चक्का जाम करने वालों में मृतक के परिजनों ने 50 लाख का मुआवजा एवं परिवार को 20 हजार रुपए प्रतिमाह खर्च के लिये मांग रखी इस पर मिल प्रबंधन ने मिल मालिक के पहुंचने पर विचार विमर्श के बाद उचित हल निकालते हुये मृतक के परिवार को 25 लाख रुपए एवं 12 वीं की पढ़ाई के खर्च उठाने की बात कही। वहीं घायलों को 5 लाख व

चिकित्सा का पूरा खर्च उठाने की बात कही। तब जाकर मामला शांत हुआ और ग्रामीणों ने नेशनल हाईवे से चक्का जाम समाप्त किया तब जाकर आवागमन चालू हुआ। मिल में दुर्घटना का कारण बना नया टापर-

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार राईस् मिल में हुये इस बड़े हादसे के लिये नया टापर मुख्य कारण बना साथ ही साथ आपरेटर की गलती भी सामने आयी है। प्राथमिक तौर पर देखा जाय तो मिल प्रबंधन की घोर लापरवाही के साथ ही सरकारी अमले की भी लापरबाही एवं उदासीनता को भी नहीं नकारा जा सकता। क्योंकि अभी हाल ही में इस नये टापर का निर्माण हुआ था जैसा कि सूत्र

बताते हैं मिल प्रबंधन ने तो नये टापर का निर्माण करवाया वहां तक तो बात ठीक है लेकिन इस नये टापर के निर्माण की गई गलती या लापरवाही की जांच सरकारी अमले ने क्यों नहीं की यदि टापर ठीक था ती टूटा क्यों और यदि ठीक और मानक नहीं था तो इसे चालू करने की अनुमति सरकारी अमले ने आखिर क्यों दी।

मिल में नियमित मेंटेन्स न होना, ओव्हर लोडिंग और मिल प्रबंधन की लापरवाही-

जैसा कि सूत्र बताते हैं कि यह दुर्घटना अचानक नहीं बल्कि लंबे समय से जारी लापरवाही का परिणाम है। राइस मिल में न तो नियमित मेंटेन्स किया जा रहा था और न ही सुरक्षा मानकों का पालन। मशीनों पर क्षमता से अधिक ओवरलोडिंग की जा रही थी। बताया जा रहा है कि हादसे के समय ऑपरेटर की गंभीर लापरवाही भी सामने आई, जिसने मजदूरों की जान को सीधे खतरे में डाल दिया। मुनाफे की होड़ में मजदूरों की सुरक्षा को लगातार नजर अंदाज किया जा रहा था जिसकी कीमत आज एक परिवार को अपने कमाऊ सदस्य को खोकर चुकानी

पड़ी।

Leave a Comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Scroll to Top