हाई कोर्ट ने आरोपी को पॉक्सो केस में राहत देते हुए सजा घटाई आई लव यू कहकर लड़की का हाथ पकड़ना मर्यादा का उल्लंघनः हाई कोर्ट
भास्कर न्यूज | बिलासपुर
हाई कोर्ट ने ने एक मामले में दिए गए फैसले में कहा है कि ‘आई लव यू’ कहकर किसी लड़की का हाथ पकड़ना और उसे अपनी ओर खींचना महिला की मर्यादा भंग करने का अपराध है। हालांकि, पीड़िता की उम्र साबित नहीं होने के कारण आरोपी को पॉस्को एक्ट से बरी कर दिया गया। जस्टिस एनके चंद्रवंशी की सिंगल बेंच ने आईपीसी की धारा 354 के तहत दी गई 3 साल की
सजा को घटाकर 1 साल कर दिया। रायगढ़ जिले के भूपदेवपुर
तर्क दिया- पीड़िता की उम्र साबित नहीं
हाई कोर्ट में सुनवाई के दौरान तर्क दिया कि पीड़िता की उम्र साबित नहीं हुई। स्कूल रिकॉर्ड में जन्मतिथि 15 जून 2005 दर्ज है, लेकिन पीड़िता के पिता ने गवाही में वर्ष 2003 बताया। कोई जन्म प्रमाणपत्र या आधार दस्तावेज नहीं पेश किया गया। कोर्ट ने इस पर सहमति जताई और कहा कि उम्र साबित न होने से पॉस्को एक्ट लागू नहीं होता। हालांकि, धारा 354 के तहत दोष सिद्ध मानते हुए कोर्ट ने कहा कि ऐसी हरकत महिलाओं की मर्यादा को ठेस पहुंचाती है। सुप्रीम कोर्ट के फैसलों का हवाला देते हुए कहा कि ‘मर्यादा’ का मतलब महिला की गरिमा और सेक्सुअल डिसेंसी से है।
थाना क्षेत्र में रहने वाली लड़की 28 नवंबर 2019 को स्कूल से लौट रही थी। इसी दौरान 19 साल का रोहित चौहान उसके पास पहुंचा।
उसने लड़की का हाथ पकड़ा, ‘आई लव यू’ कहा और उसे अपनी ओर खींचा। जब लड़की ने विरोध किया तो आरोपी ने गाली-गलौज की।