पंजीयन अनिवार्य: कटाई से पहले, पेड़ों का तहसील कार्यालय के राजस्व अभिलेखों (पंचशाला खसरा) में दर्ज होना अनिवार्य है
एसडीएम से अनुमति: प्राकृतिक रूप से उगे वृक्षों की कटाई के लिए भू-स्वामियों को निर्धारित प्रारूप और दस्तावेजों के साथ एसडीएम कार्यालय में आवेदन करना होगा
संयुक्त निरीक्षण: आवेदन के बाद, अनुविभागीय अधिकारी वन विभाग के साथ मिलकर संयुक्त निरीक्षण करेंगे [1.1]।
अनुमति जारी: जांच रिपोर्ट के आधार पर ही वन विभाग कटाई की अनुमति देगा
कार्रवाई: अवैध रूप से लकड़ी परिवहन करते पाए जाने पर 12 ट्रक जब्त किए गए हैं, जिनकी कीमत 10 लाख रुपये से अधिक है [1.1]। बिना अनुमति पेड़ काटने पर 6 महीने से 3 साल तक की जेल और 5,000 से 1 लाख रुपये प्रति पेड़ तक का जुर्माना हो सकता है।
क्या आप आवेदन के लिए आवश्यक विशिष्ट दस्तावेज़ों के बारे में जानना चाहेंगे, या शायद इन नियमों का शहरी क्षेत्रों पर क्या प्रभाव पड़ता है?