पटेल बहू चाहता था ससुर, बेटे ने निषाद समाज की बहू लाई — तीन महीने बाद सेप्टिक टैंक से मिला शव
साहसपुर लोहरा क्षेत्र के अंतर्गत बांधाटोला गाँव में एक दिल दहला देने वाला मामला सामने आया है। यहाँ तीन महीने से लापता महिला कामिनी निषाद की हत्या का चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। पुलिस ने कामिनी के ससुर को गिरफ्तार किया है, जिस पर आरोप है कि उसने जातिगत द्वेष और निजी नाराज़गी के चलते बहू को मौत के घाट उतार दिया।
छह महीने की शादी, फिर अचानक गुमशुदगी
जानकारी के अनुसार, कामिनी निषाद ने प्रेम विवाह कर भोजराज पटेल से शादी की थी। बताया जाता है कि भोजराज अपनी पत्नी से बेहद प्रेम करता था और दोनों लगभग छह महीने तक साथ रहे।
लेकिन कामिनी के ससुर के मन में जातिगत भेदभाव की ज़हर भरी सोच पहले से मौजूद थी। वह चाहता था कि बेटा पटेल समाज की बहू लाए, लेकिन बेटे द्वारा निषाद समाज की लड़की घर लाने से वह नाराज़ रहता था।
ससुर ने दी मौत, बेटे को भी खबर नहीं
आरोप है कि इसी नाराज़गी के चलते ससुर ने पहले कामिनी को जहर देकर मार दिया, फिर शव को घर के सेप्टिक टैंक में फेंक दिया।
चौंकाने वाली बात यह है कि उसने इस घटना की जानकारी अपने बेटे को भी नहीं दी।
बेटे ने कामिनी के अचानक लापता होने पर थाने में गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई थी।
बदबू ने खोल दिया पूरा राज
कुछ दिनों बाद घर में अचानक तेज बदबू फैलने लगी। आसपास के लोगों ने इसकी शिकायत की। जब पुलिस मौके पर पहुँची और सेप्टिक टैंक की जाँच की, तो अंदर से सड़ी-गली लाश बरामद हुई, जिससे पूरा इलाका दहल उठा।
तलाशी और पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर पुलिस ने ससुर को गिरफ्तार कर लिया है। मामले की आगे की जांच जारी है।
जातिगत जहर की एक और दर्दनाक मिसाल
यह घटना दिखाती है कि आज भी जाति आधारित सोच और सामाजिक विकृतियों के कारण निर्दोष लोग अपनी जान गँवा रहे हैं। कामिनी निषाद की हत्या ने पूरे क्षेत्र को झकझोर दिया