छत्तीसगढ़ में इन दिनों कड़ाके की ठंड ने जबरदस्त दस्तक दी है। प्रदेश के कई हिस्सों में शीतलहर का प्रकोप देखने को मिल रहा है। सबसे अधिक ठंड माना क्षेत्र में दर्ज की गई, वहीं दुर्ग प्रदेश के सबसे ठंडे जिलों में शामिल हो गया है, जहां न्यूनतम तापमान 9.2 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया।
लगातार गिरते तापमान का असर आम जनजीवन के साथ-साथ वन्यजीवों पर भी दिखाई दे रहा है। मैत्री बाग में शेर और बाघों को अलाव का सहारा लेना पड़ रहा है ताकि वे ठंड से बच सकें।
मौसम विभाग ने अगले दो दिनों के लिए कोल्ड वेव (शीतलहर) का अलर्ट जारी किया है। विभाग के अनुसार, आने वाले 2 से 3 दिनों में तापमान में और गिरावट दर्ज की जा सकती है। हालांकि इसके बाद हल्की राहत मिलने की उम्मीद है, लेकिन ठंड का असर बना रहेगा।
प्रशासन ने लोगों से सतर्क रहने, गर्म कपड़ों का उपयोग करने और आवश्यक सावधानियां बरतने की अपील की है।