बलिदानी राजा गुरु बालक दास जी की जयंती पर सतनाम भवन में कार्यक्रम आयोजित
भिलाई सतनामी बिरादरी ने बाबा जी को स्मरण कर पुष्पांजलि अर्पित की
सतनाम भवन में उमड़ा जनसैलाब, अतिथियों ने पुष्पांजलि अर्पित कर स्मरण किया। राजमहंत जवाहर कौशल जी की टीम ने सतनाम भजन की भक्तिमय सुमधुर प्रस्तुतियों से जनसमूह को मंत्रमुग्ध किया।
गुरु घासीदास सेवा समिति के तत्वावधान मे बलिदानी राजा गुरु बालक दास जी की जयंती हर वर्ष की तरह इस वर्ष भी संत समाज की गरिमामय उपस्थिति में समिति द्वारा बेहद हर्षोल्लास और गरिमापूर्ण वातावरण में मनाई गई। सतनाम भवन सभागृह में आयोजित यह भव्य कार्यक्रम सामुहिक गुरु आरती, दीप प्रज्वलन और राजा गुरु बालक दास जी के तैलचित्र पर पुष्पांजलि के साथ शुरू हुआ।, अतिथियों ने पुष्पांजलि अर्पित कर स्मरण किया। राजमहंत जवाहर कौशल जी की टीम ने सतनाम भजन की भक्तिमय सुमधुर प्रस्तुतियों से जनसमूह को मंत्रमुग्ध किया।
कार्यक्रम की शुरुआत में सह सचिव श्री टेकराम बंजारे जी ने अपने ओजस्वी स्वागत भाषण से पधारे हुए सभी अतिथियों, संत समाज का आत्मीय अभिनंदन किया।
अतिथियों के प्रखर उद्बोधन क्रम में:कार्यक्रम के मुख्य अतिथि श्री के. के. खेलवार जी आई एफ एस ने अपने उद्बोधन में कहा, कि”बलिदानी राजा गुरु बालक दास जी का जीवन और उनका सामाजिक न्याय के लिए किया गया संघर्ष हमारे समाज के लिए प्रेरणा का पुंज है। उन्होंने समाज में समानता, बंधुत्व और मानवाधिकारों की रक्षा के लिए जो सर्वोच्च बलिदान दिया, उसे कभी भुलाया नहीं जा सकता।”कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे आदरणीय श्री बी. एल. कुर्रे जी (अध्यक्ष, गुरु घासीदास सेवा समिति) ने संत समाज और समिति के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा, कि “राजा गुरु बालक दास जी के बताए सत्य और अहिंसा के मार्ग पर चलना ही उन्हें सच्ची श्रद्धांजलि है। हमारी समिति सदैव समाज को जोड़ने वाले और महापुरुषों के संदेशों को जन-जन तक पहुँचाने वाले इन कार्यों के लिए प्रतिबद्ध है।”विशिष्ट अतिथि श्री टी.दास जी,श्री टी. आर. कोसरिया जी, गेंदलाल राय जी, डॉ. ए. डी. बनर्जी जी एवं श्रीमती उर्मिला भास्कर जी ने अपने उद्बोधन में गुरु बालकदास जी के जीवनी एवं उनके द्वारा समाज उत्थान के लिए समाज सेवा कार्यों का उल्लेख किया। वक्ताओं ने गुरु बालक दास जी के शौर्य और उनके जीवन दर्शन पर प्रकाश डालते हुए संत समाज के संदेशों को आत्मसात करने पर जोर दिया। कार्यक्रम के दौरान उपस्थित विशाल जनसमूह ने अतिथियों के इन प्रेरक विचारों और संत समाज की अमृतवाणी को प्रत्यक्ष रूप से देखा, सुना और गहराई से समझा। कार्यक्रम का अत्यंत कुशल और सफल संचालन सहसचिव राजेंद्र महिलांग जी द्वारा किया गया, जिन्होंने अपनी प्रभावी शैली से पूरे कार्यक्रम में गरिमा बनाए रखी। कार्यक्रम के समापन पर आदरणीय योगेश चतुर्वेदी जी ने कार्यक्रम को भव्य और सफल बनाने के लिए संत समाज, भजन मंडलियों, मातृशक्ति, युवा साथियों और समस्त समिति छात्रावास के बच्चे का हृदय से आभार प्रदर्शन किया।